केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सीएम डॉ. मोहन यादव सोमवार रात उज्जैन पहुंचे। रात में नड्डा ने भगवान महाकाल के दर्शन किए और शयन आरती में शामिल हुए। इसके बाद आज यानी मंगलवार सुबह सीएम के साथ मिलकर नंदी हाल में 20 मिनट तक पूजन किया औ गर्भगृह में भी भगवान का पूजन-अर्चन किया।
मध्यप्रदेश के सतना में खाद की कमी को लेकर किसानों के केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का रास्ता रोके जाने के बाद अब प्रदेश के कृषि मंत्री और विभागीय अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। गौरतलब है कि प्रदेशभर में खाद को लेकर मारा-मारी मची है। किसान रात से ही खाद के लिए कतार में लगे नजर आ रहे हैं।
बुधवार को उज्जैन में ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव आयोजित होगी। इसमें काशी विश्वनाथ और महाकाल जैसे मंदिरों में भीड़ प्रबंधन पर चर्चा होगी। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर बड़े होटल समूह, एयरलाइंस और मंदिरों के लिए काम करने वाली टेक कंपनियां भी शामिल होंगी।
मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इसका नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। लोकार्पण समारोह का आयोजन महानद्दा में किया गया था।
गगनयात्री शुभांशु शुक्ला अमेरिका से भारत आ गए हैं। वह रविवार सुबह पत्नी कामना और बेटे किआश के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और दिल्ली की उट रेखा गुप्ता ने उनका स्वागत किया। शुभांशु के पिता शंभु दयाल शुक्ला भी साथ थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री और केंद्रीय मंत्री ने गुरुवार को 1947 के विभाजन के दौरान जान न्योछावर करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित किया है।
अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एलान किया है। ट्रंप के इस फैसले के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव आ गया है। इस बीच टैरिफ के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपनी बात रखी है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान मीनाक्षी लेखी घायल हो गईं हैं। परिक्रमा के दौरान लेखी घोड़े पर सवार थीं, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गिर पड़ीं। इससे उनकी पीठ में चोट लग गई। इस वजह से उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा बीच में ही छोड़ने का निर्णय लिया और अब वह वापस भारत लौट रही हैं।





















